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Friday, 11 December 2009

आज़ादी

वह करती आई थी
चौका बरतन
खाना बनाना
कपड़े धोना
साफ़ सफ़ाई
किसी ने उसे बता दिया एक दिन
कि वह कैद है
उसने कर दिया एलान
अपनी आज़ादी का
पर अब करे क्या
किसी ने दिखा दिया
उसे बाहर का रास्ता
अब वह काम करती है
पैसे कमाती है
और हाँ
साथ मे करती है
चौका बरतन
खाना बनाना
कपड़े धोना
साफ़ सफ़ाई