देखो
यहाँ दीवार पर कैद
ये तीन तितलियाँ
अभी उड़ेंगी
खिड़की के रास्ते
आकाश मे
या जहाँ चाहें
कर लेना कैद
उनकी उड़ान
और जब
ऊँचा आकाश
निमन्त्रण दे
खोल लेना पर
चल देना
उस अनजान पथ पर
मत सोचना मन्जिल को
मत ढूंढना पदचिन्ह
परों के निशान नहीं बनते
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Saturday, 28 November 2009
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