| चन्दन की लकड़ी पर जलने से |
| बदन को कम तकलीफ होती है क्या |
| आत्मा सच में ज्यादा प्रफुल्लित होती है क्या |
| बड़े बड़े लोगों को शोकातुर देखकर |
| चिता का बनाव श्रृंगार क्या |
| स्वर्ग के द्वार पाल को रिश्वत होती होगी |
| बड़ी खबर बन जाने से |
| अंत क्या सुखदाई हो जाता होगा |
| लोगों का हुजूम क्या यमराज पर |
| कोई दबाव बना पाता होगा |
| बेहतर कक्ष आरक्षित करने में |
| तोपों की सलामी क्या स्वर्गाधीशों के लिए |
| अलार्म का काम करता होगा |
| भैया वी आई पी अभी आर आई पी हुए हैं |
| शीघ्र ही आपके द्वार पर पधारते होंगे |
| बंदनवार सजाइये |
| अप्सराओं को बुलाइए |
| दुन्दुभी बजाइए |
| और स्वागत के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाइए |
| ये जितने सी यम पी यम डी यम जी यम पधारें है यहाँ |
| सब हँसेगें इन बचकाने सवालों पर अभी अगर इनसे पूछो |
| लेकिन इतना तय है |
| यहाँ से जाकर ये भी |
| लग उन्ही कार्य कलापों में जायेंगे |
| जिनसे इन्हें भी मरणोपरांत मिल सके |
| चन्दन खबरें बंद भीड़ और टेलीविजन |
Monday, 19 November 2012
चन्दन खबरें बंद भीड़ और टेलीविजन
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