Saturday, 20 August, 2011

आज की ताज़ा खबर

बहुत दिनों से नहीं मिला था मौका इनको चुराने को
और सामने गली के उस तरफ वाले 
खूब हो रहे थे मोटे खा खा के चोरी का माल
इनमे कुछ थे नए नए लौंडे 
खाते जाते थे तर माल दिखा दिखा के
और मुंह भी चिढावें साथ साथ 
खूब करें हंसी ठट्ठा 
आखिर लौंडे जो ठहरे
बानर बालक एक समाना....
समझाया भी होगा बड़े बुजुर्गों ने 
भईया छुपा के खाओ 
न माने तो न माने
बहुत चिढ गए इस तरफ वाले
तो मचा दिए हल्ला एक दिन
इकठ्ठा हो गए सब जनता कालोनी वाले
लगे चीखने जोश में 
अरे ये देखो हमारे फ्रिज की आइसक्रीम.....
इसको देखो ससुरा हमारे चौके से ले आया है आलू.....
हमारी ठिलिया के केले लगते हैं ये तो......
देख इस बंदरिया को 
पहने है पेटीकोट चुरा के हमारे आँगन से........
साइकिल की घंटी चुरा के खेल रहे हैं लौंडे......
वैसे तो दुमदार ठहरे कालोनी वाले
लेकिन अबकी आ गया दम साथ में सबके
उठाके डंडे जो दौड़े 
तो चुरवे सब लगे गुहार मचाने उस तरफ वाले
कहें इधर वालों से कि भईया
आओ हम सब चुरकट मोहल्ले के लोग मिल जाएँ
और बजा दे बैंड जनता कालोनी का
लेकिन मुकर गए सब इस तरफ वाले चुरवे
भरे बैठे थे खूब
और फ़िर जो घमासान मचा 
सो देख ही रहें हैं आप लोग सब

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