Thursday 30 August 2012

किताबें और ठेकेदार

हम तुमसे कहेंगे

जाओ और क़त्ल कर दो उन्हें

जीने लायक नहीं हैं वे लोग

फिर थोड़े समझदार तो तुम भी हो

जवान औरतें मरने से पहले

तुम्हे ज़रा सा सुख दे जायें

तो खुदा ज़न्नत ही नसीब करे उन्हें शायद

हम तुमसे कहेंगे

आग लगा दो उन खलिहानों में

तोड़ डालो सब सामान उन घरों के

और जब वो सब नष्ट ही हो रहा होगा

कोई हर्ज नहीं अगर

तुम ले लो अपनी ज़रूरत का उसमे से

ये आदेश ईश्वर के हैं

ऐसा हम जानते हैं

ऐसा लिखा है देखो इस किताब में

और उसने खुद ये लिखकर हमें भेजा है

तुमसे ये सब करवाने

जिससे तुम भी उसके चहेते बन सको

हम तुमसे कहेंगे

और करोगे तुम

क्योंकि तुम भयभीत हो

कहीं ईश्वर की अवमानना न हो जाए

क्योंकि तुम ज़रूरत मंद हो

शायद इस तरह मिले जो तुम चाहते हो

क्योंकि तुम खुद नहीं जानते

क्या लिखा है इस पवित्र पुस्तक में

पढ़ नहीं सकते न तुम

कभी सीख जाओ पढ़ना अगर

आ जाना इस तरफ

हमारी तरफ

काम बहुत है ईश्वर का

लोगों की कमी है इधर भी

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